मंगलवार, 30 जुलाई 2013

और नहीं और नहीं अब और देश का सौदा और नहीं.

और नहीं और नहीं अब और देश का सौदा और नहीं. भ्रष्ट व्यवस्था, भ्रष्ट है सरकार यहाँ जनता के भावनाओं का हो रहा बलात्कार यहाँ. लूटने की लगी है होड़ यहाँ कोई न करना शोर यहाँ. दंगे है किसने कराये बस ये याद रखना, किसने किसो छला यहाँ ये न याद रखना. भूल जाओ घोटाले,भ्रष्टाचार, महंगाई को बस याद रखो उस दंगाई को. मंदिर-मस्जिद याद रखो, क्या रखा है इन घोटालों में. हिन्दू मुस्लिम याद रखो क्या रखा है महंगाई में.

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